‘सवाल करने वालों को नया नाम दे दिया’
प्रकाश राज ने वीडियो में कहा कि लंबे समय से सरकार से सवाल करने वालों को ‘अर्बन नक्सल’, ‘देशविरोधी’ और दूसरे नामों से संबोधित किया जाता रहा है। अब उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ का नाम दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि सवाल पूछना और असहमति जताना किसी को नक्सली नहीं बना देता।
सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाया
अभिनेता ने अपने वीडियो में सरकारी स्कूलों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग गांवों के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के टॉयलेट, क्लासरूम, शिक्षकों की कमी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को सामने ला रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे मुद्दे उठाने वालों को ‘दिमागी नक्सल’ कहना सवालों से बचने का तरीका है।
Dear fraaands Dimagi bano ..Bewakoof nahi . Sawaal karo .. Gulami nahi. #justasking pic.twitter.com/oiQ2rG3MY0
— Prakash Raj (@prakashraaj) August 16, 2026
‘दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं’
प्रकाश राज ने लोगों से सवाल पूछने और अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को यह तय करना होगा कि वह किस पक्ष का समर्थन करती है। उन्होंने अपने वीडियो के अंत में कहा कि ‘दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं, अंधभक्त नहीं। सवाल करो, गुलामी नहीं।’
प्रकाश राज इससे पहले भी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं। उनके इस नए बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
