रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मैराथन बैठक के बाद सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। मंत्रियों के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षा को रद्द करने, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की जांच कराने और पुरानी परीक्षाओं की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से युवाओं की नियुक्ति होती है और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
TDPL की परीक्षा रद्द
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा किस तरह और किन नियमों के तहत आयोजित होनी चाहिए, इसे लेकर सरकार सुधार की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए बनाए गए रिफॉर्म पोर्टल में अब अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा।
रिटायर्ड जज करेंगे JSSC-CGL की जांच
सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मामले की जांच एसआईटी और सीआईडी की टीम भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में सामने आ रहे कुछ तथ्य चौंकाने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि सीजीएल परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े लोगों तथा कुछ कंपनियों के बीच बड़े नेटवर्क की बात सामने आई है।
2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच
सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया है। इसके तहत परीक्षा प्रक्रिया, नियुक्तियों और उससे जुड़ी एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने मजबूत कानून बनाए हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने की मंशा भी रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
रिफॉर्म के लिए बनी कमेटी
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता से जुड़े सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परीक्षाएं निर्धारित एसओपी के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं तो गड़बड़ी की आशंका काफी कम हो सकती है।
सरकार के प्रमुख फैसले
बैठक के बाद सरकार की ओर से सामने आए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं-
- TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द की जाएगी।
- JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच होगी।
- मामले की जांच SIT और CID भी कर रही है।
- वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच की जाएगी।
- JSSC-CGL से जुड़ी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
- 14वीं JPSC परीक्षा तथा 2023/25 की बैकलॉग परीक्षा रद्द करने की बात कही गई है।
- परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित रिफॉर्म कमेटी काम करेगी।
- रिफॉर्म पोर्टल में अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा।
सरकार के इन फैसलों को लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जांच के निष्कर्ष और आगे की परीक्षा प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
