हीरानगर पुलिस ने श्याम नगर निवासी 39 वर्षीय अभिषेक हजारी की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। अभिषेक निजी कंपनी में काम करते हैं और घटना के समय परिवार के साथ घर में मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक रात में चोर पहले घर के बाहर के दरवाजे तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने किचन की खिड़की को निशाना बनाया। खिड़की में शीशा नहीं लगा था। इसी वजह से चोर ने खिड़की के भीतर हाथ डालकर पास मौजूद दरवाजे की चिटकनी खोल ली और घर के अंदर दाखिल हो गया।
घर में प्रवेश करने के बाद आरोपी उस कमरे तक पहुंचा जहां अलमारी रखी हुई थी। चोर ने अलमारी का लॉकर तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी तथा कुछ जेवर निकाल लिए। पुलिस के मुताबिक अलमारी की दराज में लॉकर की चाबी भी मौजूद थी। हालांकि चोर ने लॉकर तोड़कर सामान निकाल लिया। घटना के दौरान परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे लेकिन उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी।
सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध चोर नजर आए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरोपियों ने इलाके में दूसरे मकानों की भी रेकी की थी लेकिन कुछ जगह कुत्तों के भौंकने के कारण वे वहां ज्यादा देर नहीं रुके। पुलिस को आशंका है कि आरोपी इलाके की गतिविधियों से पहले से परिचित हो सकते हैं।
फिलहाल फरियादी ने चोरी हुए सामान की पूरी सूची पुलिस को नहीं दी है। ऐसे में नकदी और जेवर की वास्तविक कीमत का आकलन अभी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से जानकारी मिलने के बाद चोरी गए सामान का सही आंकड़ा सामने आएगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इसी तरह राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में भी चोरों ने एक मोबाइल दुकान में सेंध लगाई। पुलिस ने अफजल खान की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। अफजल की शिव स्कॉर्य नाम से दुकान बताई गई है। चोर दुकान से पांच मोबाइल फोन एक लैपटॉप और कई मोबाइल एक्सेसरीज ले गए। इसके अलावा ग्लास गार्ड एक एलसीडी और कैमरों का डीवीआर भी चोरी होने की जानकारी सामने आई है।
मोबाइल दुकान में चोरी के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। दुकान में लगे कैमरों का डीवीआर भी चोरी होने से पुलिस को जांच में अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आसपास की दुकानों और सड़कों पर लगे कैमरों के फुटेज से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस के सामने अब आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती है। हीरानगर की घटना में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है जबकि राजेंद्र नगर की वारदात में चोरी किए गए सामान और आरोपियों के आने जाने के रास्ते की जांच की जा रही है। पुलिस दोनों मामलों में अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है या अलग-अलग चोर सक्रिय हैं।
