खजराना पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए युवक की पहचान राहुल पिता मनोहर परमार के रूप में हुई है। वह देवास के चाणक्यपुरी और सिविल लाइंस क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के साथ कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग भी पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि दोनों के कब्जे से करीब 100 ग्राम MD बरामद हुई है। दोनों कथित तौर पर इलाके में किसी अन्य व्यक्ति तक ड्रग पहुंचाने के लिए आए थे।
पुलिस ने जब्त की गई सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया है और अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि MD कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले से किसी नशे के नेटवर्क से जुड़े हुए थे या नहीं। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।
नाबालिग की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। चूंकि वह उम्र में कम है इसलिए उसके संबंध में कार्रवाई किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग को कथित तौर पर ड्रग की तस्करी में किस तरह शामिल किया गया और उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
दूसरी कार्रवाई चंदन नगर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस ने 15 अगस्त को ड्राय डे के दौरान अवैध शराब बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्या पिता कालू वसुनिया निवासी चंदन नगर रईस पिता मोहम्मद शकुर पठान निवासी सहयोग नगर और प्रदीप पिता ओमप्रकाश सेन निवासी सिरपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों के कब्जे से हजारों रुपए कीमत की शराब जब्त करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यह भी जानकारी जुटाई कि आरोपी ड्राय डे के बावजूद शराब की बिक्री कर रहे थे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के बीच हुई इस कार्रवाई को पुलिस की निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है।
चंदन नगर पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल रईस को कुछ समय पहले जिलाबदर किया गया था। इसके बावजूद उसके इलाके में मौजूद रहने और कथित तौर पर अवैध शराब का कारोबार करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जिलाबदर की कार्रवाई के बाद वह इंदौर में कैसे पहुंचा और क्या उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी कोई भूमिका है।
दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। MD बरामदगी के मामले में पुलिस का फोकस ड्रग की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर है जबकि शराब के मामले में यह जांच की जा रही है कि ड्राय डे के दौरान शराब कहां से लाई गई और इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
इंदौर पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे ड्राय डे के दौरान भी अवैध शराब बिक्री और नशीले पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रखी गई। हालांकि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
