रक्तदान से पहले ब्लड बैंक में व्यक्ति की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसमें मेडिकल हिस्ट्री के साथ ब्लड प्रेशर पल्स और शरीर का तापमान देखा जाता है। इसके अलावा उंगली से लिए गए रक्त के नमूने से हीमोग्लोबिन या आयरन की पर्याप्तता की जांच की जाती है। यदि जांच में कोई ऐसी स्थिति सामने आती है जिसमें रक्तदान करना सुरक्षित नहीं है तो व्यक्ति को उस समय रक्तदान से रोक दिया जाता है। इसलिए केवल उम्र और वजन सही होना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए।
आम तौर पर स्वस्थ वयस्क रक्तदान कर सकते हैं लेकिन यदि किसी व्यक्ति को गंभीर एनीमिया है या वह किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसे रक्तदान से बचना चाहिए। हाल ही में हुई सर्जरी या कुछ चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के बाद भी कुछ समय तक रक्तदान टाला जा सकता है। इसी तरह कुछ संक्रमणों और स्वास्थ्य स्थितियों में डॉक्टर या ब्लड बैंक की मेडिकल टीम रक्तदान को अस्थायी या स्थायी रूप से रोक सकती है। इसलिए यदि आप किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं या नियमित दवाएं लेते हैं तो रक्तदान से पहले इसकी जानकारी ब्लड बैंक के चिकित्सकीय स्टाफ को देना जरूरी है।
गर्भावस्था के दौरान रक्तदान नहीं किया जाता। डिलीवरी के बाद भी महिला को तुरंत रक्तदान नहीं करना चाहिए और उचित समय तथा स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार ही दोबारा रक्तदान किया जाना चाहिए। इसी तरह हाल में टीकाकरण या टैटू जैसी कुछ परिस्थितियों में भी रक्तदान कुछ समय के लिए टाला जा सकता है। इन मामलों में प्रतीक्षा की अवधि हर स्थिति के लिए एक जैसी नहीं होती इसलिए अंतिम निर्णय संबंधित ब्लड सेंटर की मेडिकल स्क्रीनिंग के आधार पर लिया जाना चाहिए।
रक्तदान से पहले कुछ सामान्य सावधानियां भी मददगार होती हैं। खाली पेट रक्तदान करने से बचना चाहिए और पर्याप्त पानी पीना चाहिए। अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। रक्तदान से पहले हल्का और संतुलित भोजन करना बेहतर माना जाता है। शराब का सेवन करके रक्तदान करने से बचना चाहिए। रक्तदान के बाद भी शरीर को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ देना चाहिए। e-RaktKosh के अनुसार रक्तदान के बाद अगले 24 से 48 घंटे तक तरल पदार्थ बढ़ाने और कुछ समय तक भारी शारीरिक मेहनत तथा वजन उठाने से बचने की सलाह दी जाती है।
रक्तदान के दौरान किसी तरह की कमजोरी या चक्कर महसूस हो तो तुरंत मेडिकल स्टाफ को बताना चाहिए। रक्तदान के बाद कुछ देर आराम करना और उपलब्ध कराए गए हल्के जलपान का सेवन करना उपयोगी होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रक्तदान नेक काम जरूर है लेकिन इसे केवल उत्साह में आकर नहीं करना चाहिए। अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सही जानकारी देकर ही रक्तदान करें। अंतिम पात्रता का निर्णय ब्लड बैंक की मेडिकल स्क्रीनिंग और लागू रक्तदान दिशानिर्देशों के अनुसार होता है।
