प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिका अपने 11 वर्षीय भाई के साथ वापस लौट रही थी। इसी दौरान 24 वर्षीय आरोपी अरविंद वाल्मीकि ने मदद का झांसा देकर दोनों बच्चों को अपनी दोपहिया वाहन पर बिठा लिया। आरोपी बच्चों को गांव के बाहरी इलाके में सुनसान झाड़ियों की ओर ले गया। वहां आरोपी ने मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
घटना के दौरान जब बालिका के भाई ने विरोध करने और अपनी बहन की रक्षा करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। वारदात को अंजाम देने के पश्चात आरोपी दोनों बच्चों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। डरा हुआ बालक किसी प्रकार अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बालिका को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले गए। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इसी जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र से जुड़े एक अन्य पुराने मामले में भी कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। सुरपुरा में एक बालिका के साथ हुए अपराध के सह-आरोपी की जमानत याचिका को स्थानीय अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों के साथ संभावित छेड़छाड़ की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
मध्य प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और न्यायपालिका द्वारा सख्त रुख अपनाया जा रहा है। भिंड पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मैहगांव मामले के आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
