झांसी। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत ने झांसी जेल में बंद उसके बड़े भाई अली अहमद को गहरे सदमे में डाल दिया है। भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद रविवार तड़के करीब चार बजे अली कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी जेल लौट आया। जेल पहुंचने के बाद से वह गुमसुम है और उसने तीसरे दिन भी खाना खाने से इनकार कर दिया। जेल प्रशासन ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा है।
पैरोल मिलने के बाद अली शनिवार सुबह प्रयागराज में आबान के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था। वहां भाई को याद कर वह फूट-फूटकर रोने लगा। बड़े भाई उमर ने उसे संभाला, जिसके बाद वह शांत हुआ। देर रात प्रयागराज से रवाना होकर अली रविवार तड़के करीब चार बजे वह झांसी जेल पहुंचा। जेल सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से वह बार-बार यही कहता रहा कि, “अब भाई भी मुझे छोड़कर चला गया…”
आबान से था गहरा जुड़ाव
अली और आबान के बीच बेहद गहरा लगाव था। अक्टूबर 2025 में अली को नैनी जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद आबान लगातार अपने भाई से मिलने झांसी आता रहा। जेल सूत्रों के अनुसार करीब 10 महीने में वह लगभग 50 बार अली से मुलाकात कर चुका था।
हर मुलाकात में लाता था किताबें
बताया जाता है कि आबान हर महीने तीन-चार बार अली से मिलने आता था। मुलाकात के दौरान दोनों भाई काफी देर तक एक-दूसरे से गले मिलकर बातचीत करते थे। आबान अली के पढ़ने के लिए अक्सर नॉवेल और किताबें भी लाता था। हादसे में क्षतिग्रस्त कार के मलबे से पुलिस को ‘द स्टेशनरी शॉप ऑफ तेहरान’ और ‘द इडियट’ नाम की दो किताबें मिली हैं। माना जा रहा है कि वह इन्हें अली को देने के लिए ले जा रहा था।
वहीं, हादसे के बाद रहस्यमय ढंग से गायब हुआ आबान का मोबाइल फोन भी पुलिस ने खिल्ली गांव के एक युवक के पास से बरामद कर लिया है।
