मेष राशि के जातकों के लिए लाल रंग से जुड़ी वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है। इस दिन लाल वस्त्र मसूर की दाल या तांबे के बर्तन का दान किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।
वृषभ राशि के लोगों के लिए सफेद वस्तुओं का दान विशेष माना जाता है। ऐसे जातक सफेद चावल चीनी दूध या सफेद वस्त्र जरूरतमंद लोगों को दान कर सकते हैं। माना जाता है कि इससे घर में सुख शांति बनी रहती है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है।
मिथुन राशि के जातक हरी वस्तुओं का दान कर सकते हैं। हरी मूंग हरे कपड़े और हरी सब्जियों का दान इस दिन किया जा सकता है। वहीं कर्क राशि वालों के लिए चांदी दूध चावल और सफेद मिठाई का दान शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इन वस्तुओं के दान से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति हो सकती है।
सिंह राशि के लोगों के लिए गेहूं गुड़ तांबा और लाल रंग के मौसमी फल का दान शुभ माना जाता है। कन्या राशि के जातक हरे पौधे मूंग की दाल और जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री दान कर सकते हैं। इसे सेवा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़कर भी देखा जाता है।
तुला राशि वालों के लिए सफेद वस्त्र इत्र चावल और शक्कर का दान शुभ माना गया है। वृश्चिक राशि के जातक लाल मसूर की दाल गुड़ या लाल कपड़े का दान कर सकते हैं। धनु राशि के लोगों के लिए पीले अनाज के साथ हल्दी पीले वस्त्र और किताबों का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें देना शिक्षा के क्षेत्र में सेवा का अच्छा माध्यम भी हो सकता है।
मकर राशि के जातकों के लिए काले तिल सरसों का तेल जूते चप्पल और कंबल का दान करने की परंपरा बताई गई है। कुंभ राशि के लोग काले तिल लोहे से बनी उपयोगी वस्तुएं छाता या काले कपड़े दान कर सकते हैं। वहीं मीन राशि के जातकों के लिए चने की दाल पीली मिठाई बेसन के लड्डू और धार्मिक पुस्तकों का दान शुभ माना जाता है।
सावन अमावस्या पर दान करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि वस्तु अपनी सामर्थ्य के अनुसार और जरूरतमंद व्यक्ति को दी जाए। धार्मिक मान्यताओं में दान का उद्देश्य केवल किसी विशेष वस्तु को देना नहीं बल्कि सेवा और परोपकार की भावना को महत्व देना भी माना गया है। पितरों के प्रति श्रद्धा रखते हुए इस दिन तर्पण पूजा और दान किया जाता है। हालांकि राशि के अनुसार दान से मिलने वाले फल धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें आस्था के रूप में ही देखना चाहिए।
हरियाली अमावस्या के अवसर पर पौधरोपण करना भी कई परंपराओं में शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने के साथ पेड़ पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया जा सकता है। सावन अमावस्या का यह पर्व श्रद्धा सेवा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर माना जा सकता है।
