कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
कंट्रोल रूम के संचालन के लिए जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम तैनात की गई है। इसमें सहायक आपूर्ति अधिकारी कल्पना परामानिक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सवेसिंह गामड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित नागर, रोहित बर्मन, महेश जगताप तथा अब्दुल समद शामिल हैं। यह टीम प्राप्त शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए उनका त्वरित निराकरण करेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ गैस की अवैध बिक्री करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ता अपनी शिकायतें हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 221 में कार्यालय समय के दौरान व्यक्तिगत रूप से समस्या या सुझाव भी दे सकते हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें गैस सिलेंडर की उपलब्धता, कीमत या वितरण से जुड़ी कोई अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
