दतिया। उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दतिया संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने जिले की मौजूदा संगठन इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। जिलाध्यक्ष से लेकर जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों में जिम्मेदारी संभाल रहे सभी पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पार्टी के इस फैसले को उपचुनाव में हार के बाद सामने आए भीतरघात के आरोपों और संगठनात्मक समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
समीक्षा रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला
दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के कारणों की पड़ताल के लिए पार्टी ने दो सदस्यीय समीक्षा कमेटी गठित की थी। कमेटी ने चुनाव परिणाम और संगठन की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दी थी।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रदेश संगठन ने दतिया की पूरी जिला इकाई को भंग करने का फैसला लिया।
भाजपा की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दतिया जिले की वर्तमान संगठन इकाई तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है। इसके साथ ही जिला अध्यक्ष रघुबीर सिंह कुशवाह को भी पद से हटा दिया गया है।
टिकट बदलने के बाद शुरू हुआ था विवाद
दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने टिकट को लेकर बड़ा बदलाव किया था। पार्टी ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट घोषित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली थी।
समर्थकों ने हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था और पूरी रात सड़क पर डटे रहे थे। उस समय दतिया की पूरी जिला कार्यकारिणी ने नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में इस्तीफा देने की पेशकश भी की थी। हालांकि बाद में पार्टी नेताओं ने उन्हें समझाकर संगठन में बनाए रखा।
नरोत्तम मिश्रा खुद भी चुनाव प्रचार में उतरे थे। इसके बावजूद चुनाव के बाद बीजेपी के भीतर भीतरघात के आरोप सामने आए।
कांग्रेस ने लगाए थे गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने आरोप लगाया था कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बीजेपी उम्मीदवार के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के लिए काम कर रहे थे। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप थे और इनके आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
अब बीजेपी की समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट के बाद पूरी जिला इकाई को भंग किए जाने से संगठन के भीतर की चुनावी गतिविधियों और प्रबंधन पर पार्टी की नाराजगी के संकेत मिल रहे हैं।
6,016 वोट से हारी बीजेपी
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया था।
- घनश्याम सिंह (कांग्रेस): 66,757 वोट
- आशुतोष तिवारी (बीजेपी): 60,741 वोट
- दामोदर यादव (आजाद समाज पार्टी): 22,527 वोट
बीजेपी की हार में आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को मिले वोटों को भी महत्वपूर्ण माना गया। उनके खाते में 22,527 वोट आए, जिससे बीजेपी के
परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगने की चर्चा रही।
अब दतिया की पूरी जिला इकाई भंग होने के बाद पार्टी जल्द ही नए संगठनात्मक ढांचे का गठन कर सकती है। नई टीम में किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
