बुमराह की गैरमौजूदगी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का पूरा संतुलन बदल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में नई गेंद से बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। अब टीम प्रबंधन को श्रीलंका की परिस्थितियों के अनुसार नई रणनीति तैयार करनी होगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिराज के साथ नई गेंद कौन संभालेगा।
सबसे मजबूत दावेदार के रूप में प्रसिध कृष्णा का नाम सामने आ रहा है। उनकी अतिरिक्त उछाल और लंबी कद-काठी श्रीलंका की पिचों पर उपयोगी साबित हो सकती है। यदि टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरती है तो आकिब नबी को भी डेब्यू का मौका मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन और इंडिया ए के लिए प्रभावी गेंदबाजी ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया है।
हालांकि आकिब नबी का अंतरराष्ट्रीय अनुभव नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताकर साफ संकेत दिया है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर से आने वाले आकिब नबी घरेलू क्रिकेट में पिछले दो सत्रों में 100 से अधिक विकेट लेकर चर्चा में आए थे और इंडिया ए के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं।
श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं लेकिन नई गेंद से शुरुआती विकेट निकालना हमेशा अहम रहता है। ऐसे में मोहम्मद सिराज पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। उन्हें न सिर्फ आक्रमण की अगुवाई करनी होगी बल्कि युवा गेंदबाजों का मार्गदर्शन भी करना पड़ेगा। भारतीय टीम चाहे दो तेज गेंदबाजों के साथ खेले या तीन के साथ लेकिन सिराज की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।
टीम प्रबंधन के सामने एक और चुनौती गेंदबाजों के कार्यभार को संतुलित रखने की होगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए बुमराह पर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया गया है। यही वजह है कि मेडिकल टीम और चयन समिति ने उन्हें पूरी तरह फिट होने तक आराम देने का फैसला किया है ताकि वह भविष्य की महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में पूरी क्षमता के साथ वापसी कर सकें।
अब सभी की नजर भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन पर रहेगी। क्या टीम अनुभव पर भरोसा करेगी या फिर युवा आकिब नबी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलेगा यह मैच से पहले साफ होगा। इतना तय है कि बुमराह की अनुपस्थिति ने भारतीय टीम को प्लान बी पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है और श्रीलंका दौरा युवा तेज गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच बन सकता है।
