झांसी। जनशिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के दम पर झांसी नगर निगम ने जुलाई माह की आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। नगर निगम को 100 में से 90 अंक मिले हैं, जबकि शासन स्तर पर लिए गए फीडबैक में 70.38 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतोष व्यक्त किया।
समयबद्ध निस्तारण का मिला लाभ
जुलाई की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम को कुल 357 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निर्धारित समय सीमा में निस्तारण किया गया। इस प्रदर्शन के लिए निगम को इस श्रेणी में पूरे 10 अंक दिए गए। पिछले छह माह के औसत 999 संदर्भों की तुलना में इस बार एक भी शिकायत डिफॉल्टर नहीं रही, जिसके लिए नगर निगम को पूरे 20 अंक प्राप्त हुए।
फीडबैक में भी शानदार प्रदर्शन
जुलाई में 449 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। इनमें से 316 लोगों ने शिकायतों के समाधान पर संतुष्टि जताई, जिसके आधार पर नगर निगम को 22 अंक मिले। इसके अलावा फील्ड सत्यापन के दौरान 449 में से 393 शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया गया, जो 87.53 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में नगर निगम को 8 अंक प्राप्त हुए।
नगर आयुक्त के निर्देशों का दिखा असर
नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के निर्देश पर अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया। शिकायतों के निस्तारण के बाद फोन के माध्यम से फीडबैक भी लिया गया, जिससे नागरिक संतुष्टि का स्तर बढ़ा। इसी प्रभावी कार्यप्रणाली के चलते झांसी नगर निगम ने जुलाई माह की आईजीआरएस रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
