योग करने का सबसे उपयुक्त समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के आसपास माना जाता है। इस समय वातावरण शुद्ध रहता है और शरीर तथा मन दोनों अधिक सक्रिय होते हैं। यदि सुबह समय न मिल पाए तो शाम को भी योग किया जा सकता है लेकिन भोजन के कम से कम तीन से चार घंटे बाद ही अभ्यास करना चाहिए। भरे पेट योग करने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है और कई बार पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
योग हमेशा शांत स्वच्छ और हवादार स्थान पर करना चाहिए। खुली हवा में किया गया योग शरीर को अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है जिससे फेफड़े बेहतर तरीके से काम करते हैं। योग करते समय ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है ताकि शरीर की गतिविधियों में किसी तरह की रुकावट न आए।
योग शुरू करने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेकर शरीर और मन को शांत करना चाहिए। इसके बाद हल्के वार्मअप से मांसपेशियों को तैयार करें ताकि चोट लगने की संभावना कम हो जाए। किसी भी आसन को जल्दबाजी में करने की बजाय धीरे धीरे और पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए। योग प्रतियोगिता नहीं बल्कि संतुलन और संयम का अभ्यास है इसलिए अपनी क्षमता से अधिक शरीर पर दबाव नहीं डालना चाहिए।
योग के दौरान सांसों का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक आसन में सांस लेने और छोड़ने की सही प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है क्योंकि प्राणायाम और नियंत्रित श्वास शरीर में ऊर्जा का संचार करती है। यदि सांसों पर नियंत्रण सही रहेगा तो योग का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और मानसिक तनाव भी तेजी से कम होता है।
किसी भी गंभीर बीमारी उच्च रक्तचाप हृदय रोग गर्भावस्था या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। कुछ कठिन आसनों का अभ्यास प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। गलत तरीके से किया गया योग लाभ की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।
योग करने के बाद तुरंत भारी भोजन नहीं करना चाहिए। पहले कुछ मिनट शवासन में आराम करें ताकि शरीर सामान्य अवस्था में लौट सके। इसके बाद हल्का गुनगुना पानी या पौष्टिक आहार लिया जा सकता है। योग के साथ संतुलित भोजन पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच भी जरूरी है क्योंकि स्वस्थ जीवन केवल आसनों से नहीं बल्कि अच्छी दिनचर्या से बनता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और अनुशासित तरीके से किया गया योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है मानसिक तनाव कम करता है पाचन सुधारता है हृदय को स्वस्थ रखता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। यदि योग को रोजमर्रा की आदत बना लिया जाए और उसके मूल नियमों का पालन किया जाए तो यह केवल बीमारी से बचाने का माध्यम नहीं बल्कि संपूर्ण स्वस्थ और संतुलित जीवन की मजबूत नींव बन सकता है।
