आज के समय में घरों ऑफिसों एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन मॉल और स्टेडियम जैसी जगहों पर एक साथ हजारों डिवाइस इंटरनेट से जुड़ी रहती हैं। ऐसे में अक्सर नेटवर्क स्लो हो जाता है या कनेक्शन बार बार टूटने लगता है। Wi Fi 8 को खास तौर पर इसी चुनौती को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है ताकि अधिक ट्रैफिक होने पर भी इंटरनेट की गुणवत्ता प्रभावित न हो और उपयोगकर्ताओं को लगातार बेहतर कनेक्टिविटी मिलती रहे।
नई तकनीक में Wi Fi 6E और Wi Fi 7 की कई उन्नत सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसमें 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम 320 मेगाहर्ट्ज चैनल और मल्टी लिंक ऑपरेशन जैसी तकनीकों का उपयोग जारी रहेगा लेकिन इनके साथ कई नई स्मार्ट तकनीकों को भी जोड़ा जाएगा। उद्योग जगत इसे अल्ट्रा हाई रिलायबिलिटी के नाम से देख रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य हर परिस्थिति में मजबूत और स्थिर वायरलेस नेटवर्क उपलब्ध कराना है।
Wi Fi 8 में मल्टी एक्सेस प्वाइंट कोऑर्डिनेशन जैसी तकनीक नेटवर्क को अधिक बुद्धिमान बनाएगी। इसके माध्यम से अलग अलग एक्सेस प्वाइंट एक दूसरे के साथ संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकेंगे जिससे इंटरनेट की स्पीड और स्थिरता दोनों में सुधार होगा। इसके अलावा कोऑर्डिनेटेड स्पेशल रीयूज कोऑर्डिनेटेड टाइम डिवीजन मल्टीपल एक्सेस और कोऑर्डिनेटेड बीमफॉर्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से सिग्नल की गुणवत्ता और कवरेज पहले से अधिक बेहतर होगी।
नई तकनीक का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि यदि किसी कारण मुख्य चैनल व्यस्त हो जाए तो डिवाइस बिना कनेक्शन टूटे दूसरे उपलब्ध चैनल पर स्वतः काम करना शुरू कर देगा। इससे वीडियो कॉल ऑनलाइन गेमिंग लाइव स्ट्रीमिंग और क्लाउड आधारित सेवाओं के दौरान नेटवर्क रुकने की समस्या काफी कम हो जाएगी। साथ ही जब कोई उपयोगकर्ता एक एक्सेस प्वाइंट से दूसरे की रेंज में जाएगा तब भी कनेक्शन टूटने की संभावना बेहद कम रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि Wi Fi 8 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन स्मार्ट फैक्ट्री रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इन क्षेत्रों में मिलीसेकंड स्तर की लेटेंसी और लगातार स्थिर नेटवर्क की आवश्यकता होती है जिसे यह नई तकनीक पूरा करने में सक्षम होगी। इसके अलावा एक ही राउटर से बड़ी संख्या में डिवाइस जुड़े होने पर भी इंटरनेट प्रदर्शन में गिरावट नहीं आएगी।
स्पीड की बात करें तो Wi Fi 8 में मौजूदा तकनीक की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत तक बेहतर प्रदर्शन मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसका सबसे बड़ा लाभ तेज स्पीड से अधिक भरोसेमंद कनेक्शन होगा। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार Wi Fi 8 को वर्ष 2028 की पहली छमाही में आधिकारिक मंजूरी मिल सकती है जिसके बाद इसके अनुरूप राउटर स्मार्टफोन लैपटॉप और अन्य डिवाइस बाजार में आने शुरू होंगे। भारत में इस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है लेकिन आने वाले वर्षों में यह इंटरनेट उपयोग का नया मानक बनने की पूरी क्षमता रखती है।
