घटना की शुरुआत सुबह के समय हुई जब घर के सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान आंगन में एक कोने में कुंडली मारकर बैठे विशालकाय अजगर पर गृहस्वामी रमेश और उनके परिजनों की नजर पड़ी। इतने बड़े जीव को अचानक अपने घर के परिसर में देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी भी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अजगर की लंबाई करीब 12 फीट थी और वह काफी विशाल था। रिहायशी बस्ती के बीचों-बीच इतने बड़े अजगर को देखकर लोग भयभीत हो गए। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित कमरों के भीतर बंद कर दिया। हालांकि, इस दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से प्रसारित होने लगा, जिससे आसपास के अन्य इलाकों में भी चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में छोटी-मोटी प्रजातियों के सांप अक्सर देखे जाते हैं, लेकिन इतने बड़े आकार का अजगर पहली बार किसी के घर के भीतर पहुंचा है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि बारिश के कारण प्राकृतिक आवासों और जंगलों में पानी भर जाने की वजह से यह जीव सूखे और सुरक्षित स्थान की तलाश में भटकते हुए आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गया। इस घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोग आसपास की झाड़ियों और खाली पड़े भूखंडों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं।
पर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञों ने मानसून के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जानकारों का कहना है कि बारिश के दिनों में झाड़ियों, पुरानी लकड़ियों के ढेर और पानी जमा होने वाले स्थानों पर विषैले व विशालकाय जीवों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में किसी भी वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने या उकसाने के बजाय उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या वन विभाग की टीम को सूचित करना चाहिए ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
