मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 1,41,623 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में लगभग स्थिर स्तर पर 1,41,519 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें हल्की कमजोरी देखने को मिली और भाव 228 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 1,41,395 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,311 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,41,591 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर भी दर्ज किया।
वहीं चांदी के बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख दिखाई दिया। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाले चांदी के अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव 2,15,840 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले लगभग स्थिर स्तर पर 2,16,834 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। इसके बाद चांदी में हल्की खरीदारी देखने को मिली और कीमत 608 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत बढ़कर 2,16,448 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,16,369 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम और 2,16,943 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दोनों कीमती धातुओं का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कॉमेक्स बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में मामूली मजबूती बनी रही। इससे स्पष्ट संकेत मिला कि वैश्विक निवेशक भी फिलहाल किसी बड़े रुख के बजाय प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का परिणाम फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। व्यापक अनुमान है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि निवेशकों की वास्तविक नजर फेड की भविष्य की नीति संबंधी टिप्पणियों पर रहेगी। यदि आने वाले महीनों में ब्याज दरों के संबंध में नरम या सख्त संकेत मिलते हैं तो उसका सीधा असर सोने और चांदी सहित वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर पड़ सकता है।
सोने को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है। ऐसे में ब्याज दरों, महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण घोषणा का प्रभाव इसकी कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है। चांदी भी औद्योगिक और निवेश दोनों मांग से जुड़ी होने के कारण वैश्विक आर्थिक संकेतकों के प्रति संवेदनशील रहती है।
इस बीच भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 1.5 प्रतिशत तक चढ़ गया। इक्विटी बाजार की इस मजबूती के बावजूद कीमती धातुओं में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा और बाजार ने फेड के फैसले से पहले सीमित दायरे में कारोबार जारी रखा।
