हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का दौर बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सोच समझकर निवेश करना चाहिए। खासतौर पर छोटे और नए निवेशकों के लिए यह समय धैर्य बनाए रखने का है। मजबूत कंपनियों के शेयरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना अपेक्षाकृत बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
मंगलवार के कारोबार में बैंकिंग आईटी ऑटो एफएमसीजी फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रह सकती है। यदि इन क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर कमजोर नतीजे या नकारात्मक वैश्विक संकेत बाजार में दबाव भी बढ़ा सकते हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यदि विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है। वहीं लगातार बिकवाली होने पर प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल अफवाहों या सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति कारोबार की संभावनाओं और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है। जोखिम को कम करने के लिए निवेश को अलग अलग सेक्टरों में बांटना भी एक बेहतर रणनीति मानी जाती है।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों की चाल एशियाई बाजारों का प्रदर्शन डॉलर की मजबूती या कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतें भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता बनी रहती है तो घरेलू निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हो सकता है। इसके अलावा रुपये की स्थिति भी विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित करती है।
बाजार जानकारों का मानना है कि जिन निवेशकों का लक्ष्य लंबी अवधि का है उन्हें रोजाना होने वाले उतार चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना लंबे समय में बेहतर परिणाम दे सकता है। वहीं अल्पकालिक कारोबार करने वाले निवेशकों को स्टॉप लॉस और जोखिम प्रबंधन के नियमों का पालन करना चाहिए।
कुल मिलाकर मंगलवार का कारोबार कई महत्वपूर्ण संकेतों पर निर्भर रहेगा। बाजार में अवसर भी बन सकते हैं और उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को संयम धैर्य और सही रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि वे बदलते बाजार माहौल में बेहतर निवेश निर्णय ले सकें।
