मंगलवार देर रात जब अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास बड़ौत पहुंचा, तो वहां का माहौल बेहद भावुक हो गया। उनकी मां बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर बिलख पड़ीं। उन्होंने गाल सहलाकर आखिरी बार बेटे को दुलार किया और बार-बार “मेरे बच्चे” कहकर रोती रहीं। पत्नी कल्पना भी पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक ने मां को संभालने की कोशिश की, लेकिन खुद भी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और पिता के शव से लिपटकर रो पड़े।
अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर त्रिपुरा से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था। वहां से सड़क मार्ग से बागपत के बड़ौत स्थित उनके घर पहुंचाया गया। अंतिम यात्रा में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री असीम अरुण ने भी परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनुराग धनखड़ एक समर्पित और कुशल पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल सहित कई स्थानीय लोगों ने भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि इतने वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसका निष्पक्ष और विस्तृत खुलासा होना चाहिए।
गौरतलब है कि अनुराग धनखड़ का शव 20 जुलाई को त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में मिला था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, हालांकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी मौत के कारणों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
