कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक कप खट्टे दही में तीन बड़े चम्मच बेसन, हल्दी, नमक और लगभग तीन कप पानी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। ध्यान रखें कि मिश्रण में किसी प्रकार की गांठ न रहे। इसके बाद एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और उसमें जीरा, राई, मेथी दाना, हींग, करी पत्ता तथा साबुत लाल मिर्च डालकर सुगंधित तड़का तैयार करें। अब दही और बेसन का मिश्रण इसमें डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए लगभग 20 से 25 मिनट तक पकाएं, ताकि कढ़ी अच्छी तरह गाढ़ी और स्वादिष्ट बन सके।
इस बीच पकोड़े तैयार किए जा सकते हैं। इसके लिए एक बर्तन में बेसन, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें। चाहें तो हल्के और मुलायम पकोड़ों के लिए इसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा भी मिला सकते हैं। गर्म तेल में छोटे-छोटे पकोड़े सुनहरे होने तक तल लें। जब कढ़ी अच्छी तरह पक जाए, तब इन पकोड़ों को उसमें डालकर लगभग आठ से दस मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं, ताकि उनमें कढ़ी का स्वाद पूरी तरह समा जाए।
जीरा राइस इस डिश का स्वाद और बढ़ा देते हैं। इसके लिए पके हुए चावल में घी या तेल गर्म कर जीरा भूनें और फिर उसमें चावल डालकर हल्का सा मिला लें। चाहें तो इसमें थोड़ा हरा धनिया भी डाल सकते हैं। जीरे की खुशबू चावल को अलग स्वाद देती है और कढ़ी के साथ इसका मेल बेहद संतुलित लगता है।
बेहतरीन कढ़ी बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा हल्का खट्टा दही इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे कढ़ी का स्वाद अधिक संतुलित और पारंपरिक बनता है। कढ़ी को तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर पकाएं, ताकि बेसन अच्छी तरह पक जाए और स्वाद में कच्चापन न रहे। वहीं पकोड़ों को बहुत ज्यादा सख्त न तलें, ताकि वे कढ़ी में डालने के बाद मुलायम बने रहें।
करी पत्ता, मेथी दाना और हींग का तड़का कढ़ी की खुशबू और स्वाद को और बेहतर बना देता है। यदि चाहें तो ऊपर से थोड़ा लाल मिर्च पाउडर घी में भूनकर डाल सकते हैं, जिससे डिश का रंग और स्वाद दोनों आकर्षक हो जाते हैं। गर्मागर्म कढ़ी पकोड़ा को जीरा राइस, पापड़, अचार और सलाद के साथ परोसकर परिवार के साथ पारंपरिक भारतीय भोजन का आनंद लिया जा सकता है।
