ईडी ने यह कार्रवाई राज्य पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध धन जुटाने और पार्टी के कुछ बैंक खातों के माध्यम से हुए संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम राहत की मांग
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने 13 जुलाई को अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए टीएमसी की अंतरिम राहत की मांग खारिज कर दी। इसके साथ ही पार्टी के तीनों बैंक खाते फिलहाल फ्रीज ही रहेंगे।
जांच में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य इकाई को ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि संबंधित कंपनी ने 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य नई कंपनी को भेजे। अधिकारियों के अनुसार, इस धनराशि का आगे भी लेनदेन किया गया।
जेट और हेलीकॉप्टर खरीद की जांच
ईडी के अनुसार, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित लेनदेन में से 112 करोड़ रुपये का उपयोग एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और अगस्तावेस्टलैंड 109SP हेलीकॉप्टर की खरीद में किया गया। एजेंसी इस पूरे वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत की जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में इस संबंध में आगे की सुनवाई होना बाकी है।
