नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से आयोजित समाजसेवियों के विशाल मिलन सम्मेलन में अंधत्व निवारण अभियान को नई गति देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। विद्याधाम सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों समाजसेवियों ने भाग लिया और नेत्र चिकित्सा सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सम्मेलन में मानव सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता को समाज के व्यापक हित से जोड़ते हुए सेवा कार्यों को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद मानव सेवा और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दिवंगत डॉ. बी.के. जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनके द्वारा शुरू किए गए सेवा मिशन ने हजारों लोगों के जीवन में नई रोशनी पहुंचाई है और अब इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने की आवश्यकता है। उपस्थित समाजसेवियों ने संकल्प व्यक्त किया कि मोतियाबिंद सहित अन्य नेत्र रोगों के उपचार के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को दोगुनी गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
ट्रस्ट के डायरेक्टर डॉ. ईलेश जैन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजसेवियों के सहयोग और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवा का यह अभियान सामूहिक प्रयासों से ही आगे बढ़ सकता है और समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना ट्रस्ट की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी समाजसेवियों के सहयोग से इस मिशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को उपचार का लाभ मिलेगा।
डॉ. ईलेश जैन ने बताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ गांव-गांव तक नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित करने की योजना पर कार्य किया जाएगा। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने से अंधत्व की रोकथाम में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। उन्होंने इस दिशा में समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी को अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र शिविर आयोजित कर मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर चित्रकूट सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सेवा कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति प्रदान की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मान समाजसेवा से जुड़े लोगों को और अधिक उत्साह तथा प्रेरणा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में औरैया, इटावा, कानपुर, बुलंदशहर, शाहजहांपुर समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में समाजसेवियों ने भाग लिया। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का वातावरण देखने को मिला। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में समाज और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि अंधत्व निवारण के मिशन को और अधिक प्रभावी बनाकर हर जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
