रियलिटी शो के नए एपिसोड में सीमा सजदेह की मौजूदगी ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। दोनों ने वर्षों पुराने रिश्ते, मतभेदों और वर्तमान संबंधों पर खुलकर बातचीत की। शो के दौरान सीमा ने कहा कि उनके बीच कई बार मतभेद और विवाद हुए, लेकिन अब वे इस मंच पर एक नई शुरुआत और सकारात्मक सोच के साथ आए हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद दोनों के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।
सोहेल खान ने भी सीमा का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति से दोबारा मिलना हमेशा अच्छा लगता है, जो कभी उनके परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा हो। उन्होंने माना कि समय बदलने के साथ जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन पुराने रिश्तों के प्रति सम्मान आज भी पहले जैसा ही बना हुआ है।
बातचीत के दौरान सोहेल ने अपने जीवन के कठिन दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब पेशेवर जीवन उम्मीद के मुताबिक नहीं चल रहा था और मानसिक रूप से भी वह चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उसी दौर में उनके व्यवहार का असर उनके निजी रिश्तों पर पड़ा और अंततः उन्होंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संबंध को खो दिया। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का बड़ा सबक बताया।
अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि तलाक के बावजूद उनके और सीमा के बीच आपसी सम्मान कायम है। उन्होंने कहा कि सीमा उनके दोनों बच्चों की मां हैं और वह उनके प्रति हमेशा सम्मान की भावना रखते हैं। उनके अनुसार, इस शो ने दोनों को फिर से खुलकर बातचीत करने, पुराने अनुभव साझा करने और रिश्ते में आई दूरी को कम करने का अवसर दिया है।
सोहेल ने बच्चों की परवरिश को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे उनके साथ रहते हैं, जबकि सीमा नियमित रूप से उनसे मिलने घर आती हैं। सप्ताह में कई बार वह बच्चों के साथ समय बिताती हैं और उनकी देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। अभिनेता ने यह भी बताया कि सीमा के लिए उनके घर के दरवाजे हमेशा खुले हैं और उन्होंने उन्हें घर की चाबियां भी दे रखी हैं, जिससे दोनों के बीच विश्वास और सहजता का रिश्ता आज भी बना हुआ है।
सोहेल खान और सीमा सजदेह ने वर्ष 1998 में विवाह किया था। लंबे वैवाहिक जीवन के बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया, लेकिन उन्होंने अपने व्यक्तिगत मतभेदों का असर बच्चों की परवरिश पर नहीं पड़ने दिया। आज भी दोनों एक जिम्मेदार अभिभावक के रूप में मिलकर अपने बच्चों का भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी यह सोच बताती है कि वैवाहिक संबंध समाप्त होने के बाद भी आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग के जरिए परिवार की जिम्मेदारियों को सकारात्मक ढंग से निभाया जा सकता है।
