सरकारी जानकारी के अनुसार, इस आपदा में 16,740 लोग घायल हुए हैं, जबकि अब तक 6,462 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को चिकित्सा सहायता, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि दूरदराज के कई क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए विशेष बचाव दलों की मदद ली जा रही है।
भूकंप के कारण बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके चलते 17,907 लोग बेघर हो चुके हैं, जबकि लगभग 86,794 परिवारों को विभिन्न प्रकार की राहत सहायता उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल 17,266 लोग देशभर में बनाए गए 89 अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं, जहां उनके लिए भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए पूरे देश में बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए गए हैं। हजारों सरकारी कर्मचारी, स्वयंसेवक और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, देशभर में 30,000 से अधिक कर्मियों, लगभग 29,843 स्वयंसेवकों और 3,454 अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मियों की सहायता से अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही भूकंप के बाद अब तक 1,171 से अधिक झटके दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे कई इलाकों में लोगों के बीच चिंता और सतर्कता बनी हुई है।
इस बीच कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपदा के बाद विभिन्न देशों से मिली मानवीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने राजधानी काराकास में राहत सामग्री संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया, जहां दो हजार टन से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता सामग्री को प्रभावित लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्थित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सभी सहयोगी देशों की सहायता का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर राहत पहुंच सके।
सरकार ने कहा है कि इस कठिन समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग ने राहत कार्यों को मजबूती प्रदान की है। प्रशासन का ध्यान अब केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे की बहाली और विस्थापित परिवारों के स्थायी पुनर्वास पर भी केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि पुनर्निर्माण की प्रक्रिया लंबी होगी, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों को फिर से सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास जारी रहेगा।
भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में सरकार पहले ही सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर चुकी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया है कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण का कार्य पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगा, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिल सके।
