जानकारी के अनुसार ट्रैफिक कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और राकेश कुमार नौबस्ता चौराहे पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान झारखंड नंबर का एक खाली ट्रक पनकी प्लांट की ओर जा रहा था। शक के आधार पर दोनों सिपाहियों ने ट्रक को रोका और चालक को नीचे उतारकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। वे ट्रक के पीछे खड़े होकर पूछताछ कर ही रहे थे कि तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर आया और ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे के बाद कंटेनर लगभग 50 मीटर तक वाहन को घसीटता हुआ ले गया। इस दौरान दोनों सिपाही और ट्रक चालक उसकी चपेट में आ गए। हादसे में कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे सिपाही राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक रितेश कुमार यादव की भी इस हादसे में मौत हो गई।
जितेंद्र कुमार 2018 बैच के सिपाही थे और आगरा के रहने वाले थे। उनकी शादी 2020 में हुई थी और उनकी एक ढाई साल की बेटी भी है। इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं घायल सिपाही राकेश कुमार का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हादसे के बाद एलिवेटेड रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कंटेनर चालक की पहचान तथा उसकी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल खड़े करती है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
