वाराणसी में हालात ऐसे रहे कि कई गलियों में पानी भर गया और गंगा नदी किनारे लगी जेटी तेज हवाओं की वजह से बह गई। वहीं बरेली में देर रात हुई बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं और जलभराव में कई ई रिक्शा पलटने की घटनाएं सामने आईं। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तेज धूप रही लेकिन बीच बीच में बादलों की आवाजाही भी देखी गई जिससे उमस बढ़ गई।
मौसम विभाग के अनुसार इस समय बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम उत्तर ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है और इसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इस सिस्टम के पश्चिमी विक्षोभ से मिलने के कारण प्रदेश में अचानक तेज बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसी कारण मौसम विभाग ने राज्य के 57 शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। गाजियाबाद बलिया और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई जबकि लखनऊ और बाराबंकी में लगभग 45 मिनट तक चली आंधी और बारिश ने कई जगह पेड़ और बिजली के पोल तक गिरा दिए। हापुड़ में हाईवे पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं है और प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले 24 घंटों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है जिससे पूरे प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
कुल मिलाकर यूपी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
