बताया जा रहा है कि शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी ने लाला अमरनाथ की जीवन यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारने की योजना बनाई थी। उस समय दोनों इस विषय को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे थे और फिल्म की प्रारंभिक रूपरेखा पर भी चर्चा हुई थी। शाहरुख को कहानी और किरदार दोनों पसंद आए थे तथा वे इस ऐतिहासिक भूमिका को निभाने के लिए उत्साहित बताए जाते थे।
फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह योजना उस दौर में बनी थी जब शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी अपनी-अपनी फिल्मों के बाद नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे थे। इसी दौरान लाला अमरनाथ की बायोपिक का विचार सामने आया। हालांकि विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण फिल्म उद्योग की गतिविधियां भी लंबे समय तक प्रभावित रहीं। इसके बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया और दोनों ने आगे चलकर दूसरी फिल्म पर साथ काम किया।
अब वर्षों बाद यह कहानी नए रूप में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में है। आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर ने इस बायोपिक के लिए हाथ मिलाया है। दोनों इससे पहले एक सफल ऐतिहासिक फिल्म में साथ काम कर चुके हैं और अब एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए साथ लौट रहे हैं। फिल्म में आमिर खान लाला अमरनाथ का किरदार निभाते नजर आएंगे।
बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी केवल एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर, उस समय के सामाजिक परिवेश और भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास को भी प्रमुखता से प्रस्तुत करेगी। इससे दर्शकों को लाला अमरनाथ के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
फिल्म के निर्माण से जुड़े रचनात्मक पक्ष में भी अनुभवी नाम शामिल हैं। निर्माण की जिम्मेदारी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी संभालेंगे, जबकि पटकथा लेखन में राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी की भूमिका रहेगी। इससे परियोजना को मजबूत रचनात्मक आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं जिन्होंने देश के शुरुआती क्रिकेट दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन पर आधारित यह फिल्म खेल, इतिहास और व्यक्तिगत संघर्ष के कई पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की यह नई प्रस्तुति भारतीय क्रिकेट के इस ऐतिहासिक अध्याय को बड़े पर्दे पर किस तरह जीवंत करती है।
