राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि फ्रांस ने पश्चिम एशिया में दो माइनहंटर जहाज भेजे हैं। इनके साथ दो फ्रिगेट और एक मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी संसाधन सहयोगी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बहाल करने और समुद्री यातायात की सुरक्षा मजबूत करने का काम करेंगे।
मैक्रों के अनुसार, 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका कहना है कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को मजबूती मिली है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने बताया कि ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद से बातचीत के बाद फ्रांस ने अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव किया है। इसके तहत एयरक्राफ्ट कैरियर शार्ल द गॉल को उसके होम पोर्ट टूलों वापस भेजा जा रहा है, जबकि माइन काउंटरमेजर्स जहाज और उनके साथ मौजूद सुरक्षा बल क्षेत्र में तैनात रहेंगे तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।
La France a déployé au Moyen-Orient des moyens de déminage, avec notamment deux chasseurs de mines. Accompagnés de deux frégates et d’un avion de patrouille maritime, ces moyens sont prêts à contribuer, avec nos partenaires, à la pleine reprise de la navigation et à garantir la… pic.twitter.com/4RyZCwx3h6
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) July 3, 2026
संयुक्त बयान के अनुसार, ओमान ने अपने समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने यह भी दोहराया कि वे क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
