मथुरा में दोपहर करीब एक बजे हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। रेलवे अंडरपास में गर्दन तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन पानी में फंस गए और सड़क पर तेज बहाव के कारण एक स्कूटी बह गई। दुकानों के बाहर रखा सामान भी पानी के तेज बहाव में बहता नजर आया। कई लोग अपनी बाइक पकड़कर सड़क किनारे सुरक्षित स्थान तलाशते दिखाई दिए।
कानपुर में गुरुवार देर रात से शुक्रवार तड़के तक लगातार हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्किंग में खड़ी कई कारें और बाइकें आधी पानी में डूब गईं। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री परिसर की करीब 100 फीट लंबी दीवार भरभराकर गिर गई, जबकि एक अपार्टमेंट के बेसमेंट की दीवार धंसकने के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूरी इमारत खाली करानी पड़ी।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। झांसी में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। उन्नाव में नालियां जाम होने के कारण बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस गया। जालौन में तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित रहा।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है और अगले एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है।
आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश में औसतन 8.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 54 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में संभल में सबसे ज्यादा 46.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मिर्जापुर, आजमगढ़, बदायूं, मुरादाबाद, वाराणसी, हरदोई, बिजनौर, एटा और लखीमपुर-खीरी में भी अच्छी बारिश दर्ज हुई। वहीं 1 जून से 2 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 45 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे आने वाले दिनों की वर्षा कृषि और जल संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
