प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 40 यात्रियों से भरी रोडवेज बस एटा से दिल्ली जा रही थी। रास्ते में बस खराब होने पर चालक उसे सड़क किनारे खड़ा कर आवश्यक पार्ट्स लेने चला गया। इसी दौरान कई यात्री बस से उतरकर बाहर खड़े थे। अचानक तेज रफ्तार कंटेनर ने नियंत्रण खो दिया और बाहर खड़े लोगों को रौंदते हुए बस के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर सड़क पार दूसरी ओर जा पहुंचा और कई शव सड़क पर बिखर गए।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया।
घायल यात्री अंसार ने बताया कि बस खराब होने के कारण चालक मरम्मत के लिए गया था। अधिक गर्मी होने के कारण कई यात्री नीचे उतर आए थे, जबकि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बस के भीतर ही बैठे रहे। इसी वजह से वे इस हादसे की चपेट में आने से बच गए।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और कंटेनर को हटवाकर करीब एक घंटे बाद यातायात बहाल कराया।
हादसे में बुलंदशहर निवासी सतेंद्र शर्मा (38), फर्रुखाबाद के राजेश (34), सुखराम (30), शैलेश (29) और आशीष सक्सेना (22) की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश लोग दिल्ली में नौकरी या कारोबार करते थे और काम पर लौट रहे थे या परीक्षा देने जा रहे थे।
