कंपनी के अनुसार, वर्तमान में एजीईएल हर वर्ष 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है, जो भारत की कुल बिजली खपत का लगभग तीन प्रतिशत है। यह उत्पादन न्यूयॉर्क शहर की सालभर की बिजली जरूरत या मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली खपत के लगभग बराबर माना जा रहा है।
बुधवार को जारी बयान में कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने 5,051 मेगावाट नई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी। कंपनी का दावा है कि चीन के बाहर किसी भी ऊर्जा कंपनी द्वारा एक वर्ष में जोड़ी गई यह सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है।
इस उपलब्धि पर एजीईएल के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा कि 20 गीगावाट का आंकड़ा पार करना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, अनुशासित कार्यान्वयन और टीम की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कंपनी आज अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर इतनी स्वच्छ बिजली उपलब्ध करा रही है, जो मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली आवश्यकता के बराबर है।
कंपनी ने भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया है। एजीईएल वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट-घंटा (GWh) बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता जोड़ने की तैयारी कर रही है। अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 गीगावाट-घंटा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने की योजना को गति मिलेगी।
अडाणी ग्रीन एनर्जी वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। कंपनी ग्रिड से जुड़ी सौर, पवन, हाइब्रिड और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास, स्वामित्व और संचालन के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।
