द्वारकापुरी थाना पुलिस के अनुसार चेतन नाथ की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि ड्रग्स की खरीद और सप्लाई के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेज की बजाय सोशल मीडिया कॉलिंग का उपयोग किया जाता था ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण कर उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने बताया कि जब टीम चेतन नाथ को पकड़ने उसके ठिकाने पर पहुंची थी तब वहां उसका एक साथी भी मौजूद था। पुलिस को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले जेल में साथ रह चुके हैं और लंबे समय से संपर्क में थे। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।
पूछताछ के दौरान चेतन नाथ ने यह भी दावा किया कि उसके पास से बरामद 19 लाख रुपये नकद उसके एक साथी की जमानत के लिए जुटाए गए थे। हालांकि पुलिस इस दावे को पूरी तरह सत्यापित करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी नकदी नशे के कारोबार से अर्जित की गई हो सकती है और इसके वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद कारतूसों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास हथियारों से जुड़ा कोई नेटवर्क भी था या नहीं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले पुलिस ने लकी नाथ नामक आरोपी को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैक ट्रैकिंग करते हुए चेतन नाथ तक पहुंच बनाई। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार दूसरे शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से डिजिटल साक्ष्यों बैंकिंग लेनदेन और कॉलिंग पैटर्न की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
