रात के समय हुआ हादसा, लोग सो रहे थे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिकांश लोग उस समय झोपड़ियों में सो रहे थे। अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन उनका सारा घरेलू सामान, पुराने कपड़े और लाखों रुपए का स्टॉक जलकर राख हो गया।
पुराने कपड़े बेचकर करते थे गुजारा
गुजराती मोहल्ले में करीब 15 परिवार पिछले 50 सालों से अपने प्लॉट पर झुग्गियों में रह रहे हैं। ये परिवार पुराने कपड़े बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। आग इतनी भीषण थी कि सभी झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
10 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान
पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस हादसे में उनका करीब 10 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। उनका जीवन, रोजी-रोटी और बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई।
कविता गुजराती ने आंसू भरी आंखों से बताया, “रात के वक्त अचानक आग लगी, बच्चे चीखने लगे। हमारी जीवनभर की जमापूंजी और बच्चों का भविष्य सब खाक हो गया। तन में जो कपड़े पहने हैं, वही बचा है।”
बुजुर्ग महिला शशि गुजराती ने कहा, “मेरे 25 साल के बेटे की मौत के बाद भी मैं भीख मांगकर गुजारा करती थी। पाई-पाई जोड़कर जो 15 हजार रुपए बचाए थे, वह भी आग में जल गए।”
दमकलकर्मियों की कड़ी मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि हादसे के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
राहत और आगे की तैयारी
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत उपायों की योजना बनाने की बात कही है। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
