ग्लोबल HR और कंसल्टिंग फर्म मर्सर (Mercer) की ताजा *ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स रिपोर्ट* में सामने आया है कि 99 प्रतिशत से अधिक बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि AI के कारण आने वाले दो वर्षों में किसी न किसी स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। इस रिपोर्ट के लिए दुनिया भर के करीब 12 हजार एग्जीक्यूटिव्स, HR लीडर्स और कर्मचारियों से राय ली गई।
एंट्री-लेवल कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक AI का सबसे बड़ा प्रभाव उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। जिन कार्यों के जरिए नए कर्मचारी अनुभव और कौशल हासिल करते थे, उनमें से कई जिम्मेदारियां अब AI आसानी से संभाल सकता है। यही वजह है कि कंपनियां जूनियर स्तर की भर्तियों को लेकर अपनी रणनीति बदल रही हैं।
पिछले एक वर्ष में उन कंपनियों की संख्या 17 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गई है, जिन्होंने जूनियर पदों में कटौती की है। विशेषज्ञों के अनुसार 22 से 27 वर्ष आयु वर्ग के युवा प्रोफेशनल्स इस बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
AI अपनाने की दौड़, लेकिन तैयारी अधूरी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कंपनियां तेजी से AI को अपने कामकाज में शामिल कर रही हैं, लेकिन अधिकांश संस्थान इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। सर्वे के अनुसार केवल एक-तिहाई कंपनियों को ही विश्वास है कि वे मानव कर्मचारियों और AI के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर पाएंगी। इससे संकेत मिलता है कि कई संगठन पहले AI लागू कर रहे हैं और बाद में कर्मचारियों की भूमिका तय कर रहे हैं।
क्या छंटनी से कंपनियों को मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या घटाने से हमेशा बेहतर परिणाम नहीं मिलते। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि बड़े पैमाने पर छंटनी करने वाली कंपनियों को जरूरी नहीं कि अधिक मुनाफा या बेहतर उत्पादकता हासिल हुई हो। कई मामलों में AI का सबसे प्रभावी उपयोग तब देखा गया, जब इसे कर्मचारियों की जगह लेने के बजाय उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
AI के कारण बढ़ रही नौकरी कटौती
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में AI का असर रोजगार बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अकेले अप्रैल 2026 में अमेरिका में करीब 21,500 नौकरियों की कटौती के पीछे AI एक प्रमुख कारण रहा, जो उस महीने हुई कुल छंटनी का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा था।
वहीं, वर्ष 2026 में अब तक AI से जुड़ी 49 हजार से अधिक नौकरियां समाप्त हो चुकी हैं। यह आंकड़ा वर्ष 2025 के कुल स्तर के लगभग बराबर पहुंच चुका है। Meta, Oracle, Salesforce और Block जैसी प्रमुख टेक कंपनियां भी AI आधारित ऑटोमेशन और री-स्ट्रक्चरिंग के तहत कर्मचारियों की संख्या में कमी कर चुकी हैं।
भविष्य में किन स्किल्स की होगी मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में उन पेशेवरों की मांग बढ़ेगी जो AI के साथ मिलकर काम करने की क्षमता रखते हैं। इसलिए AI से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उसे प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखना अधिक महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि AI अब केवल तकनीकी बदलाव का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह भर्ती, रोजगार, करियर और कार्य संस्कृति को प्रभावित करने वाली एक बड़ी शक्ति बन चुका है। अगले दो वर्ष यह तय करेंगे कि AI कर्मचारियों के लिए चुनौती बनता है या नए अवसरों का रास्ता खोलता है।
