फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर में सबसे ज्यादा अवसर
रिपोर्ट के मुताबिक फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत रहा, जो 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 8 अंक और सालाना आधार पर 26 अंक की बढ़ोतरी दर्शाता है। इससे संकेत मिलता है कि वित्तीय सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में नौकरी के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं।
यूटिलिटीज और नेचुरल रिसोर्सेज में भी बड़ा उछाल
यूटिलिटीज और नेचुरल रिसोर्सेज सेक्टर में तिमाही आधार पर सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस सेक्टर का आउटलुक 22 अंक बढ़कर चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह 2021 की चौथी तिमाही के बाद इस क्षेत्र का सबसे मजबूत भर्ती संकेत है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भर्ती धीमी
दूसरी ओर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भर्ती का आउटलुक सबसे कम 31 प्रतिशत रहा। इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र की कंपनियां फिलहाल भर्ती को लेकर कुछ सतर्क बनी हुई हैं।
ऑटो और आईटी सेक्टर में नौकरियों की ज्यादा उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार नई नौकरियों के मामले में ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद आईटी और आईटी सर्विसेज सेक्टर का स्थान है, जहां कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्ती की योजना बना रही हैं।
कंपनियों को कुशल कर्मचारियों की कमी
Sandeep Gulati ने कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े एक मिश्रित स्थिति दिखाते हैं।
एक तरफ कंपनियां भर्ती को लेकर काफी उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर योग्य और कुशल प्रतिभा की कमी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 82 प्रतिशत कंपनियों को जरूरत के मुताबिक योग्य कर्मचारी ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
उत्तर भारत में सबसे ज्यादा भर्ती की उम्मीद
क्षेत्रीय स्तर पर देखा जाए तो भारत के उत्तरी क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत रहा, जहां NEO करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं पूर्वी क्षेत्र में तिमाही आधार पर सबसे तेज सुधार देखने को मिला है, जहां उम्मीदें 20 अंक बढ़ गई हैं। यह 2012 की तीसरी तिमाही के बाद इस क्षेत्र का सबसे ऊंचा स्तर है।
एआई का बढ़ रहा इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 87 प्रतिशत कंपनियां भर्ती, ऑनबोर्डिंग और ट्रेनिंग की प्रक्रिया में Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल कर रही हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में AI अपनाने की औसत दर करीब 80 प्रतिशत है। इस मामले में China 95 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि India दूसरे स्थान पर है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में AI और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से भर्ती की प्रक्रिया और तेज तथा प्रभावी हो सकती है।
