टैरिफ से बचने के लिए भारत बना प्रमुख विकल्प
एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए अपने फ्लैगशिप उत्पादों का बड़ा हिस्सा भारत में तैयार कर रहा है।
दुनिया भर में कंपनी हर साल लगभग 22 से 23 करोड़ iPhone का उत्पादन करती है। इनमें से अब करीब एक चौथाई हिस्सा भारत में बनने लगा है, जो वैश्विक उत्पादन में भारत की तेजी से बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
पीएलआई योजना से मिला बड़ा प्रोत्साहन
भारत में उत्पादन बढ़ाने के पीछे सरकार की Production Linked Incentive Scheme (PLI) योजना की अहम भूमिका रही है। इस योजना के तहत कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने पर वित्तीय प्रोत्साहन मिलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएलआई योजना ने चीन की तुलना में भारत में मौजूद कुछ चुनौतियों जैसे आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत को कम करने में मदद की है। इससे वैश्विक कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
फॉक्सकॉन, टाटा और पेगाट्रॉन बना रहे आईफोन
एप्पल भारत में अपने कई प्रमुख सप्लायरों के साथ मिलकर आईफोन का निर्माण कर रहा है। इनमें Foxconn, Tata Electronics और Pegatron शामिल हैं। इन कंपनियों के प्लांट्स में अब नई iPhone 17 सीरीज के सभी मॉडल, जिनमें प्रो और प्रो मैक्स वेरिएंट भी शामिल हैं, बनाए जा रहे हैं। वहीं iPhone 15 और iPhone 16 जैसे पुराने मॉडल घरेलू बाजार और निर्यात के लिए भारत में ही तैयार किए जा रहे हैं।
भारत में एप्पल का रिटेल नेटवर्क भी बढ़ा
भारत में आईफोन की बढ़ती मांग को देखते हुए एप्पल अपने रिटेल नेटवर्क का भी विस्तार कर रहा है। देश में कंपनी की बिक्री 9 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही कंपनी के अब भारत में कुल छह रिटेल स्टोर हो चुके हैं और आने वाले समय में इनके और बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा एप्पल इस साल के अंत तक भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सेवा Apple Pay लॉन्च करने की तैयारी भी कर रहा है।
भारत से रिकॉर्ड आईफोन निर्यात
इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारत से निर्यात होने वाली सबसे मूल्यवान वस्तु आईफोन बन गया है। देश के विभिन्न प्लांट्स से एप्पल ने करीब 23 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए, जिनमें से अधिकांश अमेरिका भेजे गए। जनवरी से दिसंबर के दौरान भारत से कुल 30.13 अरब डॉलर मूल्य के स्मार्टफोन निर्यात हुए। पहली बार स्मार्टफोन भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी बनकर उभरे।
कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की बड़ी हिस्सेदारी
आंकड़ों के मुताबिक भारत के कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए भारत तेजी से एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एप्पल भारत में और निवेश कर सकता है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूती मिलेगी
