ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग का सबसे अधिक प्रभाव पांच राशियों पर पड़ सकता है, जिन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय वित्तीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। निवेश संबंधी फैसलों को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल न हो पाने के कारण रिश्तों में खटास आने की संभावना है। साथ ही आंखों से जुड़ी समस्याएं या जलन की शिकायत भी परेशान कर सकती है।
मिथुन राशि: सोच-समझकर लें फैसले
मिथुन राशि के लोगों को इस अवधि में जल्दबाजी से बचने की जरूरत होगी। कार्यस्थल पर किसी भी दस्तावेज या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। व्यापारिक निर्णयों में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा वाणी पर नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
सिंह राशि: मानसिक दबाव बढ़ सकता है
सिंह राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव और कार्यभार का सामना करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अधिकारियों के साथ तालमेल में कठिनाई आ सकती है। निजी जीवन में भी रिश्तों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि गलतफहमियां और मतभेद बढ़ने की आशंका है।
कुंभ राशि: संपत्ति और निवेश से जुड़े फैसले टालें
कुंभ राशि वालों के लिए यह समय नए प्रोजेक्ट, निवेश या संपत्ति से जुड़े बड़े फैसलों के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है। किसी नई डील की शुरुआत या वाहन एवं संपत्ति की खरीद-बिक्री फिलहाल टालना बेहतर हो सकता है। व्यापार में आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई गई है। परिवार के भीतर विचारों का टकराव बढ़ सकता है।
मकर राशि: स्वास्थ्य और धन दोनों पर रखें नजर
मकर राशि के जातकों को इस अवधि में शारीरिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। कान से संबंधित परेशानियां भी उभर सकती हैं। आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी को बड़ी राशि उधार देने से बचना चाहिए, क्योंकि धन वापसी में परेशानी आ सकती है।
व्यतिपात योग में क्या करें और क्या न करें
क्या न करें:
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और मांगलिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार या नए व्यवसाय की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
क्या करें:
मानसिक शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए इष्ट देव की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करना लाभकारी माना जाता है। इससे मन को स्थिर रखने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
