इसी जरूरत को देखते हुए एंड्रॉयड सिस्टम में एक बेहद उपयोगी और उन्नत सुरक्षा फीचर शामिल किया गया है, जिसे Android के नए वर्जन Android 15 में “Private Space” के नाम से जाना जाता है। हालांकि यह फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं होता, लेकिन यह उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सुरक्षा की एक मजबूत परत प्रदान करता है।
यह फीचर वास्तव में फोन के अंदर एक अलग और सुरक्षित डिजिटल स्पेस बनाता है, जो मुख्य प्रोफाइल से पूरी तरह अलग काम करता है। इस स्पेस में यूजर अपने ऐप्स, फाइलें और संवेदनशील डेटा अलग से स्टोर कर सकते हैं, जिसे केवल एक अलग PIN, पासवर्ड या पैटर्न से ही एक्सेस किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह फीचर एक तरह का “डिजिटल लॉकर” है, जो आपके मुख्य फोन सिस्टम से अलग होता है। इसमें रखे गए ऐप्स और डेटा सामान्य प्रोफाइल से सीधे एक्सेस नहीं किए जा सकते, जिससे डेटा चोरी या अनधिकृत उपयोग का खतरा काफी कम हो जाता है।
Google Pixel और कुछ अन्य Android डिवाइसों में इसे Private Space कहा जाता है, जबकि Samsung Electronics के स्मार्टफोन्स में यही फीचर “Secure Folder” के नाम से उपलब्ध है। Secure Folder भी लगभग समान सुरक्षा सुविधा देता है, जहां यूजर अलग से ऐप्स और फाइलें सुरक्षित रख सकता है।
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बैंकिंग ऐप्स, निजी चैटिंग एप्स और जरूरी डॉक्यूमेंट्स को एक अलग सुरक्षित वातावरण में रखा जा सकता है। इससे न केवल डेटा सुरक्षित रहता है, बल्कि प्राइवेसी भी मजबूत होती है। साथ ही, यह अलग Google अकाउंट या प्रोफाइल के उपयोग की सुविधा भी देता है, जिससे काम और निजी डेटा को अलग-अलग रखा जा सकता है।
यदि कोई यूजर Android 15 या उससे नए वर्जन का फोन इस्तेमाल कर रहा है, तो वह इसे Settings > Security & Privacy > Private Space में जाकर एक्टिवेट कर सकता है। इसके लिए एक अलग लॉगिन और लॉक सेट करना होता है, जो मुख्य फोन लॉक से अलग होता है।
Samsung यूजर्स के लिए यह सुविधा Settings > Security & Privacy > More Security Settings > Secure Folder में उपलब्ध है, जिसे Samsung अकाउंट के जरिए सेट किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, यह फीचर उन सभी यूजर्स के लिए बेहद जरूरी है जो अपने फोन में निजी और संवेदनशील जानकारी रखते हैं। सही तरीके से इस फीचर का उपयोग करके डेटा चोरी और साइबर खतरे से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
