मोड्स ऑपरेंडी: बच्चा संभालने की नौकरी और फिर ‘हवस’ का जाल
इन बहनों का गिरोह लड़कियों को फंसाने के लिए एक तय ‘पैटर्न’ पर काम करता था:
पहले लड़कियों को बच्चा संभालने के नाम पर घर में नौकरी देतीं और उन्हें परिवार के सदस्य की तरह रखतीं।लड़कियों को शराब और MD ड्रग्स की लत लगाई जाती। फिर मौका पाकर इनके साथी चंदन, बिलाल और चानू लड़कियों के साथ रेप करते।
ब्लैकमेलिंग और सौदा: बदनामी का डर दिखाकर इन लड़कियों को अहमदाबाद के यासिर के पास भेज दिया जाता, जहाँ उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता।
धर्मांतरण का दबाव: ‘इस्लाम की अच्छाइयां’ और शादी का झांसा
पीड़िताओं ने खुलासा किया है कि ये बहनें गिरोह में शामिल चंदन यादव (जो अब प्रिंस बन चुका है) की तरह ही अन्य लड़कियों का भी धर्म परिवर्तन कराना चाहती थीं। वे लगातार इस्लाम की पांच अच्छाइयां बताकर लड़कियों को कन्वर्ट होने और किसी अमीर जगह निकाह कराने का प्रलोभन देती थीं।
पुलिस जांच: मोबाइल चैट और संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप
गिरफ्तार आरोपी अमरीन और चंदन के मोबाइल पुलिस के लिए सबूतों का खजाना साबित हो रहे हैंअमरीन के मोबाइल में कई ऐसे वॉट्सएप ग्रुप मिले हैं जिनमें दर्जनों लड़कियों के फोटो और सौदेबाजी की बातें हैं।पुलिस की दो टीमें अब बिलाल (मौसेरा भाई), चानू उर्फ हाशिम और अहमदाबाद के यासिर की तलाश में मुंबई और गुजरात में दबिश दे रही हैं।छोटी बहन आफरीन ने अब तक अपना मोबाइल पुलिस को नहीं सौंपा है और वह लगातार जांच टीम को गुमराह कर रही है।
ड्रग्स और तस्करी का कनेक्शन
पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि यह गिरोह केवल देह व्यापार ही नहीं, बल्कि एमडी (MD) ड्रग्स की तस्करी में भी शामिल है। भोपाल और छत्तीसगढ़ की दो युवतियों की इंस्टाग्राम पर हुई पहचान ने इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करने में बड़ी भूमिका निभाई।
अमरीन और आफरीन की यह कहानी केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की साजिश है जो धर्म और नशे का सहारा लेकर जिंदगियां तबाह कर रहा था। पुलिस की मुस्तैदी ने इस ‘ईरानी कनेक्शन’ वाले रैकेट को तोड़ तो दिया है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी इस केस की अंतिम कड़ी होगी
