झांसी। धोखाधड़ी और जानलेवा हमले के मामले में करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे समाजवादी पार्टी के नेता केशभान सिंह पटेल ने सोमवार को विशेष न्यायाधीश एफटीसी कनिष्क कुमार की अदालत में समर्पण कर दिया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं उनकी ओर से सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल जमानत याचिका पर 24 जून को सुनवाई निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मुंडई निवासी एक व्यक्ति ने सीजीएम कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि केशभान सिंह पटेल ने उसके पुत्र की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे पांच लाख रुपये लिए थे। बाद में कई बार कथित नियुक्ति पत्र दिए गए, लेकिन जांच में सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने देने से इंकार कर दिया।
परिवाद के अनुसार शिकायत किए जाने के बाद 2 मई 2022 को केशभान सिंह पटेल अपने पुत्र और अन्य साथियों के साथ लोहे की रॉड और डंडे लेकर पीड़ित के घर पहुंचे और उस पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित के सिर में गंभीर चोटें आईं। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने धारा 307 समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोपियों को तलब किया था।
बताया गया कि केशभान सिंह पटेल और अन्य आरोपी राहत पाने के लिए पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन मेडिकल साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इस बीच न्यायालय लगातार उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर रहा था। अंततः सोमवार को केशभान सिंह पटेल ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया है। अब उनकी जमानत अर्जी पर 24 जून को सुनवाई होगी।
पुलिस की नाकामी
इस संबंध में एमएलसी डॉ.बाबूलाल तिवारी ने अपनी ही सरकार की पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया। बताया कि मामले में पुलिस हाथ पैर हाथ रखे बैठी रही और आरोपी को समर्पण करने का पूरा मौका दिया इसे पुलिस की नाकामी ही कहा जाएगा।
