पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के निर्देश पर 10 जून की शाम संचालित की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों, वारंटियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना था। पुलिस टीम ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाते हुए कई लोगों से पूछताछ भी की।
कार्रवाई के दौरान निशातपुरा थाना क्षेत्र के निगरानीशुदा बदमाश सालिग उर्फ रेहान ईरानी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में लूट, चोरी, जालसाजी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के कुल 24 मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और विभिन्न मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर कुल 17 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसमें बैतूल जिले के रानीपुर थाने के एक मामले में 10 हजार रुपये, रायसेन कोतवाली क्षेत्र के प्रकरण में 5 हजार रुपये तथा भोपाल के पिपलानी थाने के मामले में 2 हजार रुपये का इनाम शामिल था। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से ईरानी डेरे में छिपकर रह रहा था।
अभियान के दौरान पुलिस ने रिजवान हुसैन नामक एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार जिला पन्ना से जुड़े एक मामले में उससे पूछताछ की जानी है। रिकॉर्ड के मुताबिक रिजवान के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में चोरी, लूट, जालसाजी और मारपीट जैसे लगभग 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि इन मामलों में अंतिम न्यायिक निर्णय संबंधित अदालतों द्वारा किया जाना शेष है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अन्य आपराधिक घटनाओं, फरार आरोपियों तथा संभावित गिरोह नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। इसके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
पुलिस का दावा है कि ईरानी डेरा क्षेत्र में लगातार की जा रही निगरानी और विशेष अभियानों के कारण मोबाइल झपटमारी तथा संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी देखने को मिली है। इस संयुक्त कार्रवाई में निशातपुरा, छोला मंदिर और गांधीनगर थाना पुलिस की टीमों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
