पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 303 रन बनाए। टीम की शुरुआत भले ही जल्दी झटका लगने से हुई, लेकिन इसके बाद Pathum Nissanka और Kusal Mendis ने पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
निसांका ने 103 गेंदों पर 79 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं कुशल मेंडिस ने सिर्फ 62 गेंदों में 72 रन ठोकते हुए रनगति को तेज बनाए रखा। कप्तान Charith Asalanka ने 45 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में Janith Liyanage ने 29 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया।
304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत ठीक रही। John Campbell और Justin Greaves ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
कप्तान Shai Hope ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। Roston Chase ने 33 रन और जस्टिन ग्रीव्स ने 45 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज Dushmantha Chameera जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने 67 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। Maheesh Theekshana ने दो विकेट हासिल किए, जबकि Wanindu Hasaranga को एक सफलता मिली।
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन पर सिमट गई और श्रीलंका ने 41 रन की प्रभावशाली जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली। निसांका और मेंडिस की साझेदारी तथा चमीरा की घातक गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।
