बसों में सुरक्षा उपकरणों की हुई बारीकी से जांच
अभियान के तहत सबसे पहले यात्री बसों की जांच की गई। यातायात प्रभारी विवेक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बस स्टैंड पर खड़ी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन द्वार की उपलब्धता को गंभीरता से परखा। इस दौरान अधिकांश बसों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद पाए गए, जिससे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दोपहिया वाहनों पर नाकाबंदी, दस्तावेजों की गहन जांच
बस स्टैंड के बाद पुलिस टीम ने शंकर मंदिर क्षेत्र में नाकाबंदी कर दोपहिया वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान वाहन चालकों के दस्तावेज, हेलमेट और अन्य अनिवार्य कागजात की बारीकी से जांच की गई। पुलिस जवान विकास यादव और राहुल वसुनिया भी अभियान में शामिल रहे। कई वाहन चालकों को हेलमेट और दस्तावेजों के बिना वाहन चलाते हुए पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई।
8 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई, 2400 रुपये जुर्माना
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 8 दोपहिया वाहन चालकों पर पुलिस ने चालानी कार्रवाई की। इनसे कुल 2400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि लोग यातायात नियमों के प्रति अधिक गंभीर हों और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
यातायात प्रभारी विवेक शर्मा ने बताया कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान का समर्थन किया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
