दोनों टीमों ने लीग स्टेज 18-18 अंकों के साथ खत्म किया, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर RCB अंक तालिका में शीर्ष पर रही। हालांकि अब लीग चरण के आंकड़ों का कोई महत्व नहीं है, क्योंकि अगले 40 ओवर ही तय करेंगे कि फाइनल का पहला टिकट किस टीम को मिलेगा।
RCB ने इस सीजन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी टीमों पर लगातार दबाव बनाया है। विराट कोहली ने अनुभव और निरंतरता से टीम को कई मुश्किल हालात से बाहर निकाला, जबकि फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार और मिडिल ऑर्डर के अन्य बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर मैचों का रुख बदला। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई रही है, जिसके कारण कई बार 200 से अधिक स्कोर खड़े किए गए।
इस बार RCB की गेंदबाजी भी पिछले सीजन की तुलना में अधिक संतुलित नजर आई है। जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद से शुरुआती विकेट दिलाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी है।
वहीं गुजरात टाइटन्स की सफलता का आधार उसकी अनुशासित और धारदार गेंदबाजी रही है। शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर ने बल्लेबाजी में योगदान दिया, लेकिन टीम को सबसे खतरनाक बनाने का काम गेंदबाजों ने किया।
मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से विकेट निकालने के साथ डेथ ओवर्स में भी इन गेंदबाजों ने शानदार नियंत्रण दिखाया। इसके अलावा राशिद खान और साई किशोर ने मिडिल ओवर्स में रन गति पर लगाम लगाकर विरोधी टीमों को दबाव में रखा।
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 89 रन की बड़ी जीत के बाद गुजरात का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कई व्यक्तिगत भिड़ंत भी मैच का परिणाम तय कर सकती हैं। पावरप्ले में विराट कोहली और कगिसो रबाडा की टक्कर सबसे अहम मानी जा रही है। वहीं फिल सॉल्ट के आक्रामक अंदाज के सामने मोहम्मद सिराज की रणनीति भी दिलचस्प होगी।
गुजरात की बल्लेबाजी काफी हद तक शुभमन गिल और साई सुदर्शन पर निर्भर करती है। ऐसे में अगर हेजलवुड और भुवनेश्वर शुरुआती झटके देने में सफल रहे, तो GT दबाव में आ सकती है।
दूसरी ओर राशिद खान का स्पेल RCB के मिडिल ऑर्डर के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि रजत पाटीदार का स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ रिकॉर्ड टीम के लिए राहत की बात है।
अगर बल्लेबाजी की गहराई देखी जाए तो RCB थोड़ी मजबूत दिखाई देती है, लेकिन गेंदबाजी में निरंतरता और नियंत्रण के मामले में गुजरात टाइटन्स पूरे सीजन में सबसे प्रभावशाली टीम रही है।
यही कारण है कि धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला फाइनल से पहले के फाइनल जैसा माना जा रहा है। मंगलवार की रात एक टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरी टीम को खिताबी दौड़ में बने रहने के लिए एक और कठिन मुकाबला खेलना होगा।
