वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद महाराज ने अपने भक्तों के लिए एक विशेष संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक जीवन, निर्भयता और भक्ति पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि “मैं रहूं न रहूं, तुम्हारे गुरुदेव हमेशा तुम्हारे दिमाग में रहेंगे”, इसलिए भक्तों को किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए।
महाराज जी ने बताया कि वे इन दिनों एकांतवास और मौन व्रत में हैं, जिसके कारण उनके नियमित दर्शन और कार्यक्रम फिलहाल स्थगित किए गए हैं। इसी वजह से आश्रम की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह गए।
हालांकि, भीड़ और भक्तों की भावनाओं को देखते हुए महाराज जी ने आश्रम के बाहर आकर भक्तों को दर्शन दिए और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भक्तों को शारीरिक रूप से मिलना नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से जोड़ना है।
उन्होंने भक्तों को संदेश दिया कि जीवन में किसी व्यक्ति पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने इष्ट और ईश्वर पर भरोसा रखें। महाराज जी ने कहा कि असली सहारा भगवान ही हैं और जब तक यह विश्वास रहेगा, तब तक जीवन में कोई भय नहीं रहेगा।
संत प्रेमानंद महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मौन व्रत और एकांतवास किसी दूरी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भक्तों के कल्याण और मार्गदर्शन के लिए है। उन्होंने कहा कि यह अवस्था स्थायी नहीं है और समय आने पर वह स्वयं इसके बारे में बताएंगे।
अंत में उन्होंने भक्तों को संदेश दिया कि वे अधिक से अधिक भजन करें, नाम जप करें और राधा रानी के चरणों में अपना ध्यान लगाएं। उन्होंने कहा कि “खूब भजन करो, सुखी रहो”, यही जीवन का वास्तविक मार्ग है।
