वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि साध्वियां नियम अनुसार सड़क किनारे पैदल चल रही थीं, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव में जुट गए।
हादसे में पूज्य श्रुति मति माता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उपसमिति माता ने इलाज के दौरान संजय गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं तीसरी साध्वी आर्यिका माता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
घटना के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो साध्वियों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद बुधवार को एक साध्वी का अंतिम संस्कार रीवा में ही किया गया, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया।
हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक रशीद आबाद अली शाह मौके से फरार हो गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि वह घटना के बाद करीब 270 किलोमीटर दूर जबलपुर तक भाग गया था, जहां बरगी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
घटना के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है और इसे केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या संभावित साजिश के रूप में देखा जा रहा है। समाज ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और सभी डिजिटल व सीसीटीवी साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं।
जैन समाज ने यह भी मांग की है कि देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बनाई जाए। साथ ही दोषी को कठोर से कठोर सजा देने की अपील की गई है।
इस घटना के विरोध में 25 मई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, जिसमें जैन समाज मौन रैली निकालकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएगा।
