झांसी में शनिवार को आयोजित रेलवे भर्ती रोजगार मेले में 214 युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। दीनदयाल सभागार में हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उन्हें देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की। पीएम ने कहा कि युवा शक्ति ही 2047 के विकसित भारत की असली ताकत है।
रेलवे बना सबसे बड़ा नियुक्ति देने वाला विभाग
इस रोजगार मेले में कुल 214 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली, जिनमें 198 पुरुष और 16 महिलाएं शामिल हैं। रेलवे विभाग ने सबसे अधिक 196 पदों पर नियुक्तियां कीं, जिनमें असिस्टेंट लोको पायलट, टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर, पॉइंट्समैन, वेल्डर और क्लर्क शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय डाक विभाग में 14, आईटीबीपी में 4 और ईएसआईसी में 1 अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दिया गया।
मंच पर मौजूद रहे कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा, डीआरएम अनिरुद्ध कुमार समेत रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
पीएम के संबोधन के दौरान दिखी लापरवाही
जहां एक ओर रोजगार मिलने की खुशी थी, वहीं कार्यक्रम के दौरान एक अलग ही तस्वीर सामने आई। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे, उसी समय सभागार में कई अभ्यर्थी कुर्सियों पर बैठे-बैठे झपकी लेते दिखे, जबकि कुछ मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। मौके पर मौजूद स्टाफ उन्हें बार-बार जगाते भी दिखाई दिया।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्थायी रोजगार देकर उन्हें देश की विकास यात्रा से जोड़ना है। उन्होंने दोहराया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी।
यह कार्यक्रम एक ओर रोजगार के नए अवसर लेकर आया, तो दूसरी ओर सभागार में दिखाई दी लापरवाही चर्चा का विषय बन गई।
