अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने आने-जाने वाली यात्री बसों को रोककर उनकी गहन जांच की। कार्रवाई में 30 बसों के चालान बनाए गए और करीब 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह विशेष अभियान मध्यप्रदेश पुलिस और पुलिस परिवहन शोध संस्थान के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। खंडवा में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय, एआरटीओ दीपक मांझी और टीआई देवेंद्र सिंह परिहार की निगरानी में की गई। अधिकारियों के अनुसार 21 मई से 27 मई 2026 तक प्रदेशभर में यात्री बसों की विशेष चेकिंग की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
चेकिंग के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, ड्राइवर के लाइसेंस और बैज की भी जांच की। इसके अलावा बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और तकनीकी सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी देखी गई। कई बसों की हेडलाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर में भी खामियां मिलीं।
अधिकारियों ने विशेष रूप से इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगाए जाने को बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यही इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान बचाने का सबसे अहम रास्ता होता है। यदि वहां सीटें लगा दी जाएं या गेट खराब हो, तो हादसे के समय बड़ा नुकसान हो सकता है।
ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय ने कहा कि हाल के महीनों में प्रदेश में हुई बस दुर्घटनाओं को देखते हुए अब यात्री सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बस चालकों को ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सख्त हिदायत भी दी।
