भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और NIFTY 50 में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दबाव और खरीदारी दोनों का मिश्रित असर देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों का रुख निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेगा।
आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिल सकती है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव रह सकता है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में जारी तेजी के बाद निवेशक अब सतर्क नजर आ रहे हैं। ऐसे में ट्रेडिंग के दौरान उतार-चढ़ाव अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई देगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बिना रणनीति के बड़े निवेश से बचें और स्टॉप लॉस के साथ ट्रेडिंग करें।
दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में सोना की कीमतों में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश के बढ़ते रुझान के कारण सोने की मांग बढ़ सकती है। अनुमान है कि 24 कैरेट सोना 98 हजार से 99 हजार 500 रुपए प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर सकता है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 89 हजार 500 से 91 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। यही वजह है कि गोल्ड में लगातार निवेश बढ़ रहा है। हालांकि शहरों और राज्यों के हिसाब से टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में गिरावट के दौरान अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदना फायदेमंद हो सकता है। वहीं सोने में निवेश करने वालों के लिए डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF भी अच्छे विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
कुल मिलाकर 22 मई का दिन निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है। शेयर बाजार में जहां सावधानी के साथ निवेश की जरूरत होगी, वहीं सोने की चमक निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।
