पेरू के दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में मंगलवार देर रात 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और 27 लोग घायल हो गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप का केंद्र इका क्षेत्र के पाम्पा डी टेट शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई 56.5 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। कई इमारतों में दरारें आ गईं और कुछ ढांचे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के मारे जाने की खबर सामने नहीं आई है। पेरू के रक्षा मंत्री अमादेव फ्लोर्स ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और सैन लुइस गोंजागा यूनिवर्सिटी समेत अन्य क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण किया। प्रशासन राहत, मरम्मत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां ज्वालामुखियों और फॉल्ट लाइनों की वजह से अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
उधर अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं की वजह से लगी आग तेजी से फैलती चली गई, जिसके बाद 17 हजार से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने के आदेश दिए गए। यह आग लॉस एंजिल्स से लगभग 48 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम स्थित सिमी वैली के पहाड़ी इलाकों में शुरू हुई। वेंटुरा काउंटी अग्निशमन विभाग के अनुसार आग ने पांच वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को जलाकर राख कर दिया और कम से कम एक घर पूरी तरह नष्ट हो गया। दमकल विभाग के प्रवक्ता एंड्रयू डाउड ने बताया कि शुरुआत में 48 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार की हवाओं ने आग को और भड़काया, लेकिन रात में हवा धीमी पड़ने से राहत कार्यों में मदद मिली। प्रशासन ने कई इलाकों में अभी भी निकासी आदेश जारी रखे हैं।
इसी बीच दमकलकर्मी दक्षिणी कैलिफोर्निया तट के पास स्थित सांता रोजा द्वीप पर लगी भीषण आग से भी जूझ रहे हैं। यहां करीब 59 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आग फैल चुकी है। आग में एक केबिन और उपकरण शेड जलकर नष्ट हो गए हैं, जबकि राष्ट्रीय उद्यान सेवा के 11 कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
अफ्रीकी देश सूडान में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। पश्चिमी कोरडोफान प्रांत के घुबायश कस्बे में मंगलवार को एक व्यस्त बाजार पर ड्रोन हमला किया गया, जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय मानवाधिकार संगठन ‘इमरजेंसी लॉयर्स’ ने दावा किया कि हमला सूडानी सेना की ओर से किया गया। संगठन के मुताबिक हमला उस समय हुआ जब बाजार में बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। हालांकि सूडानी सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। सेना के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन हमले में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के लड़ाकू वाहनों को निशाना बनाया गया था। सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और आरएसएफ के बीच भीषण संघर्ष जारी है, जिसने देश को गृहयुद्ध जैसी स्थिति में धकेल दिया है।
वहीं दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं। यह हमला इजरायल और हिजबुल्ला के बीच जारी तनाव के बीच हुआ है। अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच लगभग रोज हमले जारी हैं। लगातार हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मिडटाउन मैनहट्टन में एक महिला खुले गड्ढे में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार 56 वर्षीय महिला अपनी कार पार्क करने के बाद बाहर निकल रही थी, तभी वह सड़क पर मरम्मत के लिए बनाए गए खुले गड्ढे में गिर गई। बाद में दमकलकर्मियों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिजली कंपनी कॉन एडिसन ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला के गिरने से कुछ मिनट पहले एक भारी ट्रक गुजरने के कारण गड्ढे का ढक्कन हट गया था।
दुनियाभर में एक साथ सामने आई इन घटनाओं ने सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसे मुद्दों को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। कई देशों में प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित रखने के प्रयास लगातार जारी हैं।
