घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। धुएं की वजह से आईसीयू में भर्ती मरीजों को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई, जिससे स्थिति और भी अधिक भयावह हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर या अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया ताकि उनकी देखभाल में किसी तरह की कमी न रहे। प्रशासन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए पूरे परिसर को खाली करवा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।
इस घटना के बाद गढ़वाल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग ICU में लगे एयर कंडीशनर के फटने के कारण लगी, लेकिन वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल का संचालन एक निजी ग्रुप द्वारा लीज पर किया जा रहा था, इसलिए फायर सेफ्टी मानकों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की जाएगी।
प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं और ऐसी भयावह घटना कैसे हुई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आपात स्थिति में अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी थी।
यह हादसा न केवल अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करता है। फिलहाल राहत कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
